बुजुर्ग दादी का अनुभव
Story
B1

बुजुर्ग दादी का अनुभव

Translation: Experience of the Elderly Grandmother

एक गर्म रविवार की सुबह, दादी अपने पोते आर्यन के साथ बगीचे में बैठी थीं। उन्होंने आर्यन से कहा, "बेटा, क्या तुम जानते हो कि चुनाव क्या होता है?"

आर्यन ने सिर हिलाया, "थोड़ा-बहुत। लेकिन तुम बताओ, दादी।"

दादी मुस्कुराईं और बोलीं, "जब मैं छोटी थी, तब चुनाव होते थे। लोग अपनी पसंद के नेता को चुनते थे। उस समय, मेरे गाँव में बहुत बदलाव आया था।"

आर्यन ने ध्यान से सुना। दादी ने आगे बताया, "मुझे याद है, जब हमारे गाँव में पहली बार एक महिला नेता आई। सभी लोग बहुत खुश थे। उन्होंने हमारी समस्याओं को समझा और हल करने का वादा किया।"

"क्या तुमने वोट दिया था?" आर्यन ने उत्सुकता से पूछा।

"हाँ," दादी ने कहा। "यह बहुत महत्वपूर्ण था। मैं अपने दोस्तों के साथ मतदान केंद्र गई थी। हम सबने एक-दूसरे को प्रोत्साहित किया।"

दादी की आँखों में एक चमक थी। वह बोलीं, "राजनीति में बदलाव से हमें आशा मिली। हर चुनाव के साथ, मैंने देखा कि हमारे गाँव में बदलाव आ रहा है।"

आर्यन ने कहा, "दादी, मुझे भी बड़ा होकर वोट देना है।"

दादी ने प्यार से उसके सिर पर हाथ रखा, "बिल्कुल, बेटा। यह तुम्हारा अधिकार है। अपने देश के लिए सोचो और सही नेता चुनो।"

इस तरह, दादी ने अपने अनुभव से आर्यन को सीख दी कि वोट देना केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी भी है।