शादी की रस्में
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शादी की रस्में

Translation: Wedding Rituals

शादी भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें कई रस्में होती हैं, जो विवाह को खास बनाती हैं। इनमें मेहंदी, हल्दी और फेरे प्रमुख हैं। ये रस्में न केवल दूल्हा-दुल्हन के लिए, बल्कि दोनों परिवारों के लिए भी महत्वपूर्ण होती हैं।

मेहंदी की रस्म शादी से पहले होती है। दुल्हन अपनी हथेलियों और पैरों पर मेहंदी लगवाती है। यह रस्म खुशी और उल्लास का प्रतीक है। दुल्हन की सहेलियाँ, "तू सबसे खूबसूरत लगेगी!" कहकर उसे उत्साहित करती हैं। मेहंदी का रंग गहरा होने का मतलब है कि दूल्हा अपनी दुल्हन से बहुत प्यार करता है।

इसके बाद आती है हल्दी की रस्म। हल्दी का पेस्ट दूल्हा-दुल्हन के शरीर पर लगाया जाता है। यह रस्म शुद्धता और सौंदर्य का प्रतीक है। परिवार के सदस्य मिलकर हल्दी लगाते हैं और हंसते-खिलखिलाते हैं। "अब तुम और भी खूबसूरत हो जाओगी," दुल्हन की माँ कहती हैं।

अंत में, फेरे होते हैं। दूल्हा-दुल्हन अग्नि को साक्षी मानकर एक-दूसरे के साथ फेरे लेते हैं। यह रस्म एक-दूसरे के प्रति वफादारी और प्रेम का वचन है। दूल्हा कहता है, "मैं तुझे हमेशा प्यार करूंगा," और दुल्हन उत्तर देती है, "मैं हमेशा तेरे साथ रहूंगी।"

इन रस्मों के माध्यम से न केवल दूल्हा और दुल्हन के बीच प्रेम बढ़ता है, बल्कि दोनों परिवारों में भी संबंध मजबूत होते हैं। शादी की ये रस्में हमारे समाज में एकता और खुशी का संदेश देती हैं।