मिट्टी के बर्तन
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A2

मिट्टी के बर्तन

Translation: Clay Pots

मैं एक छोटे से गाँव में गया। वहाँ मैंने एक कुम्हार का काम देखा। वह मिट्टी से बर्तन बना रहा था। मैंने पूछा, "आप यह कैसे करते हैं?" कुम्हार ने मुस्कुराकर कहा, "देखो, पहले मुझे मिट्टी चाहिए।"

कुम्हार ने मिट्टी को पानी में भिगोया। फिर उसने मिट्टी को हाथों से गूंधा। उसने कहा, "मिट्टी को गूंधना बहुत जरूरी है। इससे बर्तन मजबूत बनते हैं।" मैं ध्यान से देख रहा था। वह मिट्टी को गोल आकार में बनाने लगा।

फिर, उसने चाक पर मिट्टी रखी। चाक तेजी से घूमने लगा। कुम्हार ने हाथों से मिट्टी को आकार दिया। "यह देखो, यह एक कटोरा बन रहा है," उसने कहा। मुझे यह देखकर बहुत अच्छा लगा।

कुछ समय बाद, बर्तन तैयार हो गए। कुम्हार ने कहा, "अब इन्हें सूखने देना होगा।" यह प्रक्रिया बहुत रोचक थी। कुम्हार की कला ने मुझे प्रभावित किया। मिट्टी के बर्तन सिर्फ उपयोगी नहीं, बल्कि सुंदर भी होते हैं।