डिजिटल विरासत
Translation: Digital Heritage
प्रिय नंदन,
तुम्हारा दादा, आज मैं तुमसे एक खास बात करना चाहता हूँ। मैंने सोचा, क्यों न अपनी पुरानी यादें तुम्हारे साथ साझा करूँ? ईमेल के जरिए यह संभव है।
जब मैं तुम्हारी उम्र का था, तब मैं चिट्ठियाँ लिखा करता था। मेरा एक दोस्त था, राजू। हम हमेशा चिट्ठियों के जरिए बातें किया करते थे। यह बहुत मजेदार था। तुम्हें क्या लगता है?
तुम्हारी दादी के साथ बिताए हुए समय की यादें भी हैं। हम साथ में बाग में टहलते थे और पेड़-पौधों के बारे में बातें करते थे। तुम भी कभी बाग में चलना?
कृपया मुझे बताओ, तुम्हें मेरी बातें कैसी लगती हैं। मैं तुम्हारे जवाब का इंतज़ार करूँगा।
तुम्हारा दादा,
राधेश्याम
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प्रिय दादा,
आपकी ईमेल पढ़कर बहुत अच्छा लगा। चिट्ठियाँ लिखना मजेदार लगता है। मैं भी राजू की तरह अपने दोस्तों को चिट्ठियाँ लिखूंगा।
बाग में चलना मुझे पसंद है। मैं वहाँ फूलों को देखना चाहता हूँ। दादी के बारे में सुना, क्या वह आज भी बाग में चलती हैं?
आपकी यादें सुनकर मुझे अच्छा लगा। मैं और जानना चाहता हूँ।
आपका पोता,
नंदन