रागिनी की रहस्यमय धुन
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B2

रागिनी की रहस्यमय धुन

Translation: The Mysterious Tune of Ragini

रागिनी हमेशा अपने पिता की पुरानी धुनों से प्यार करती थी। जब उसे पता चला कि एक प्रसिद्ध संगीतकार, अर्जुन, ने उसके पिता की धुनें चुराई हैं, तो उसने बदला लेने का फैसला किया। "मैं उसे सबक सिखाऊंगी," उसने सोचा।

रागिनी ने योजना बनानी शुरू की। उसने अर्जुन के संगीत समारोह का पता लगाया, जहाँ वह अपनी नई एल्बम लॉन्च करने वाला था। "अगर मैं उसकी धुनें चुरा लूँ, तो वह समझ जाएगा कि उसने क्या किया," उसने अपने दोस्त नीरज से कहा।

नीरज ने कहा, "लेकिन ये आसान नहीं होगा। हमें चतुराई से काम करना होगा।" रागिनी ने एक चालाक योजना बनाई। उसने अर्जुन के समारोह में एक फॉल्स पास बनवाया। "हम वहाँ घुसकर उसकी धुनें चुरा लेंगे," उसने उत्साह से कहा।

समारोह की रात, रागिनी और नीरज ने अपने disguises पहने और भीड़ में घुस गए। "तुरंत करो!" नीरज ने कहा, जैसे ही उन्होंने अर्जुन के वाद्य यंत्रों के पास पहुँचकर धुनें रिकॉर्ड करना शुरू किया।

लेकिन अचानक, सुरक्षा गार्ड्स ने उन्हें देख लिया। "रुक जाओ!" एक गार्ड चिल्लाया। रागिनी ने भागने का फैसला किया। "नीरज, यहाँ से भागो!" उसने कहा।

वे दोनों भागते हुए बाहर निकले। रागिनी ने सोचा, "बदला लेने का यह रास्ता मुझे सिखाएगा कि संगीत केवल चोरी करने की चीज नहीं है।"

अर्जुन ने अपनी धुनें खो दीं, लेकिन रागिनी को समझ में आया कि सच्ची संगीत शक्ति अपने पिता की धुनों में नहीं, बल्कि अपने भीतर है।