विज्ञान का सफर
Story
A1

विज्ञान का सफर

Translation: Journey of Science

एक दिन, अर्जुन अपने माता-पिता के साथ संग्रहालय गया। वहाँ बहुत सारे विज्ञान प्रदर्शन थे। अर्जुन ने एक रोबोट को देखा। वह रोबोट चल रहा था और बातें कर रहा था।

"वाह! यह कितना मजेदार है!" अर्जुन ने कहा।

उसने सोचा, "क्या मैं भी ऐसा बना सकता हूँ?" उसका दिल खुश हो गया।

अर्जुन ने उस दिन निश्चय किया। "मैं बड़ा होकर वैज्ञानिक बनूँगा।" वह अपने सपने को पूरा करने के लिए मेहनत करेगा।

विज्ञान ने अर्जुन को प्रेरित किया। अब वह नए-नए प्रयोग करना चाहता था। उसका सफर विज्ञान की दुनिया में शुरू हो गया।